Wednesday, 5 April 2017

श्रद्धा - अंधश्रद्धा...




















श्रद्धा तो सुंदर बात आय फेर अंधश्रद्धा झन होवय
बिन समझे ककरो रद्दा म झन कांटा-खूंटी बोवय
धरम-परंपरा के नाम म कतकों बगरगे हे शैतानी
जांच-परख अउ आंखी उघार के एला हम तो मानी

* सुशील भोले
मो. 98269 92811

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