Monday, 21 May 2018

सृष्टि के शुरूवात उही यें ....


















सृष्टि के शुरूवात उही यें उहिच आयं अंत
चारोंखुंट संचरने वाला उहिच तेज अनंत
हितकारी लोगन के अंतस म बइठे हें संत
उही सांस उही जाड़ा-घाम उही ऋतु बसंत

-सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 9826992811

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