Tuesday, 17 May 2016

तुतारी // जोक्कड़ आयोग...

भाषा के रखवारी म जब जोक्कड़ई करइया मनला बइठार दिए जाही, त वो राज के महतारी भाषा के का दुरगत होही, एला देखना हे, त छत्तीसगढ़ के भाषा-ठिहा ल देखे जा सकथे। पहिली एक झन जोक्कड़ रिहिसे, आफिस के काम कम अउ हा-हा भकभक वाला आयोजन म जादा मगन रिहिसे। अब तो तीन-तीन झन होगे हें, भगवान जानय इहाँ के महतारी भाषा के का दुरगत होही? तेमा लीम चढ़े करेला ये के एक झन फर्जी वैज्ञानिक ह एकर मन के अगुवा बनगे हे।

सुशील भोले
मो. 98269-92811,  80853-05931

तुतारी // सुराज आही...

हमर राज के जम्मो मंत्री मन चिरई बरोबर ए गाँव ले वो गाँव उडिय़ावत हें। सुराज के सपना बांटत हें। कई बछर होगे सुराज के अंजोर बगरावत, वोकर सोर करत । फेर ये परबुधिया कती मेर लुकागे हे, चारोंखुंट बस अंधियारेच अंधियार दिखथे। हर बछर सुरता करवाये बर लागथे। भुलवारे-चुचकारे बर लागथे। वइसे तो छत्तीसगढ़ ल अलग राज बने पंदरा बछर बीतगे हे, फेर सुराज के तलाश अभी तक चलत हे। भरोसा हे एक दिन जरूर आही।

सुशील भोले
मो. 98269-92811,  80853-05931

तुतारी // आईपीएल बर पानी...


पूरा देश के संगे-संग छत्तीसगढ़ घलो पानी खातिर चिथियागे हावय। चारों मुड़ा ले जीव-जंतु के मरे के, लोगन के झिरिया कोड़ के पानी हेरे के, खबर पेपर मन म रोज छपत हे। फेर ये सब ले निश्ंिचत इहां के क्रिकेट संघ ह आईपीएल के दू ठन मैच खातिर रोज हजारों लीटर पानी स्टेडियम म बोहावत हे। पानी के ये बर्बादी खातिर कुछ लोगन हाई कोर्ट म याचिका लगाये रिहिन। फेर हाईकोर्ट ह घलोक बस अतेक कहिके कलेचुप होगे के उहां के जम्मो दर्शक मनला आयोजक संघ ह पानी पियाही।
सुशील भोले
मो. 98269-92811,  80853-05931

Sunday, 15 May 2016

तुतारी // जात न पूछो.....

महात्मा कबीर दास जी कहे हें- जात न पूछो साधु की। फेर कबीर दास के चेला मन अतलंग करत हें। रोज बपरा जोगी-बैरागी के जात पूछत हें। कभू राज्यपाल ल ज्ञापन देथें, त कभू मीडिया ल किसम-किसम के प्रमाण पत्र देखावत रहिथें। जुन्ना मुखिया तो एला अपन स्तर के नइ मानय, एकरे सेती वो कोनो किसम के जुवाब नइ देवंय। फेर भूतपूर्व के अभूतपूर्व लइका भारी डिंगराहा हे। पार्टी मुखिया ल रोज हुदर देथे। नवा-नवा बयान देथे। बहस करे के चुनौती देथे। त पार्टी मुखिया घलो कहि देथे- तोरो लइका मोर स्तर के नइए त जुवाब कइसे देवंव? कुल मिला के न कोनो जुवाब देवय, न कोनो जात-पात के सोर-खबर मिलय।

सुशील भोले 
मो. 98269-92811,  80853-05931

तुतारी // फूल अउ कांटा...

फूल अउ कांटा संगे-संग रहिथे, ये प्रकृति के नियम आय। भरोसा नइए त हमर इहां के मंत्री मंडल ल देख लेवव। मुखिया बपरा फूल बरोबर कोंवर हें, त दू-चार झन मंत्री मन कांटा बरोबर हें। रोज लोगन ल हुदरत रहिथें, कोचकत रहिथें, तुतारी करत रहिथें। पंचइती वाला ह तो जादा च पंचइती करत हे। कभू कोनो अधिकारी ल झर्रा देथे, त कभू कोनो ल अपन मंच ले खेदार देथे। अउ जब लोगन वोकर करनी ऊपर अंगरी उठाथें, चांव-चांव करथें, त मंत्री जी सिंहस्थ म जाके कुंभ स्नान कर आथें।

सुशील भोले 
मो. 98269-92811,  80853-05931

Wednesday, 11 May 2016

मूल संस्कृति आयोग की आवश्यकता...

छत्तीसगढ़ की जन भाषाओं को समृद्ध बनाने, उन्हें उचित सम्मान देने के लिए जिस तरह से यहां छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की स्थापना की गई है, ठीक उसी तरह यहां की मूल संस्कृतियों को संरक्षित करने, उन्हें उनके मूल रूप में स्थापित करने के लिए भी एक मूल संस्कृति आयोग की आवश्यकता है।
यहां का संस्कृति विभाग कला, संस्कृति के लिए अच्छा काम कर रहा है, लेकिन उसके पास अनेकों और भी कार्य होते हैं, जिसके कारण मूल संस्कृति के लिए जितना जतन किया जाना चाहिए उतना होता नहीं है। यदि मूल संस्कृति के लिए अलग से आयोग की स्थापना कर दी जाये तो निश्चित रूप यह यहां की मौलिक पहचान के लिए, यहां की अस्मिता के लिए सुखद होगा।
आप क्या कहते हैं....
* सुशील भोले  

Sunday, 8 May 2016











डंका परगे साहब के, गाँव-गाँव आही सुराज
हमर मुंह के कौंरा ल नइ झपटय कोनो बाज
नइ अदियावन सहीं, अब कोनो डर के रइही
लोकतंत्र के जय-जय होही, हमर सरी राज

सुशील भोले
मोबा. नं. 080853-05931, 098269-92811