Wednesday, 9 November 2016

रतिहा ल कहां बिताथे...


















जहुंरिया ल का हो जाथे रे, धनी ल का हो जाथे
बिहनिया आथे संझा चले जाथे, रतिहा ल कहां बिताथे...

मंदिर-मस्जिद खोज डरे हौं, गुरुद्वारा म झांके हौं
चारों मुड़ा के चर्च मनला बही-भूती कस ताके हौं
निरगुन घाट म जा के घलो, आंखी पथराथे रे....

मन बैरी मानय नहीं, जिवरा धुक-धुक करथे
कोनो सउत के संसो म तन म आगी कस बरथे
करिया जाथे रे, लाली रंग के सपना ह करिया जाथे...

चंदा उतरगे हे गांव म, जुग-जुग ले हे गली खोर
फेर मोर मयारु संग जुड़ही, कइसे मया के डोर
जमो आस सिरागे रे, बइरी बिरहा बिजराथे न....

* सुशील भोले
 डॉ. बघेल गली, संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
 मोबा. नं. 98269 92811, 80853 05931

Sunday, 6 November 2016

खुद धरौ धरम के झंडा ...

कतेक भटकहू पर के पाछू खुद धरौ धरम के झंडा
पुरखा मन सम्हाल राखें हें, जे आदि काल के हंडा
भरे लबालब हे गुन म ये बस एला तुम कबियालौ
नइ लूटहीं फेर तुंहला, कोनोच जात-धरम के पंडा

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

डारा-शाखा म कतेक बिछलबे....

डारा-शाखा म कतेक बिछलबे पेंड़वा ल सीधा धर ले
जड़ संग जइसे वो ठोस रथे फेर तइसे जिनगी गढ़ले
कतेक अमरबे पान-पतइला डारा तो रट ले टूट जाही
फेर इंंकरे चक्कर म मूल घलो तोर हाथ ले छूट जाही

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Wednesday, 2 November 2016

भेदभाव ले भरे व्यवस्था.....

भेदभाव ले भरे व्यवस्था के जे मन पोषक यें
धरम नहीं असल म उन मानवता के शोषक यें
छो़ड़ौ अइसन ग्रंथ-गुरु ल जे तुंहला अलगाथें
शिव बाबा के रद्दा धर लौ जे समता के द्योतक यें

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

मुक्ति देथे जनम-मरन ले...

मुक्ति देथे जनम-मरन ले, केवल शिव बाबा
पाप करम ले बचाए के गुन भरे हे वोकरे ढाबा
जानौ-समझौ कहिथें काबर वोला संहारकर्ता
करथे संहार सबो पाप के, धर लौ काबा-काबा

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

सब देवता के अपन कारज...

सब देवता के अपन कारज, जस गुन तस करथें
इही मुताबिक भक्त ल अपन, फल सबो झन देथें
पाना का हे तब तो तोला ये बात ल ठउका गुन ले
फेर रद्दा ल वो दाता के बने ठोक-बजा के धर ले

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Tuesday, 1 November 2016

जोहार दाई....


















मोतियन चउंक पुरायेंव... जोहार दाई
डेहरी म दिया ल जलायेंव ....जोहार दाई
छत्तीसगढ़ महतारी परघाये बर,
अंगना म आसन बिछायेंव... जोहार दाई...

ओरी-ओरी धान लुयेन, करपा सकेलेन
बोझा उठा के फेर, सीला बटोरेन
पैर बगरायेन अउ दौंरी ल फांदेन
रात-रात भर बेलन घलो, उसनिंदा खेदेन
तब लछमी के रूप धरे, धान-कटोरा जोहारेंव... जोहार दाई...

बस्तर के बोड़ा सुघ्घर, सरगुजा के चार
जशपुर के मउहा फूल सबले अपार
शबरी के बोइर गुत्तुर, रइपुर के लाटा
नांदगांव के तेंदू पाके, हावय सबके बांटा
महानदी कछार ले, केंवट कांदा मंगायेंव..... जोहार दाई...

छुनुन-छानन साग रांधेंव, गोंदली बघार डारेंव
मुनगा के झोर सुघ्घर, बेसन लगार मारेंव
इड़हर के कड़ही दाई, अम्मट जनाही
अमली के रसा सुघ्घर, कटकट ले भाही
दही-लेवना के मथे मही, आरुग अलगायेंव..... जोहार दाई...

चूरी-पटा साज-संवागा, जम्मो तो आये हे
खिनवा-पैरी सांटी-बिछिया, करधन मन भाये हे
चांपा के कोसा साड़ी, जगजग ले दिखथे
रायगढ़ के बुने कुरती, सुघ्घर वो फभथे
राजधानी के सूती लुगरा, मुंहपोंछनी बनायेंव..... जोहार दाई...

खनर-खनर झांझ-मंजीरा, पंथी अउ रासलीला
करमा के दुम-दुम मांदर, रीलो के हीला-हीला
भोजली के देवी गंगा, जंवारा के जस सेवा
गौरा संग बिराजे हे, देखौ तो बूढ़ा देवा
कुहकी पारत ददरिया संग, सुर-ताल मिलायेंव...जोहार दाई...

सुशील भोले 
40-191, डॉ. बघेल गली,
संजय नगर (टिकरापारा) रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 80853-05931, 98269-92811
ईमेल - sushilbhole2@gmail.com