Sunday, 7 May 2017

पांव फिसल तो जाही रे...

















सम्हल-सम्हल के रेंगबे बइहा पांव फिसल तो जाही रे
फेर झन कहिबे ठोकर खाके बताये नहीं कुछु-कांही रे....

ये दुनिया तो निच्चट बिच्छल जब देख पांव फिसलथे
आगू बढ़त देख के कतकों, गोड़ ल धर के तीरथें
पग-पग डबरा-खंचका इहां कब कोन मेर धंस जाही रे...

अपन-बिरान के दिखय नहीं अब ककरो चेहरा ले भेद
थोरको भरम होही ककरो बर त वोला देबे बिल्कुल खेद
बनके अपन नइते बैरी ह, पीठ म छूरा धंसवाही रे...

जब तैं सम्हल जाबे त सुन दूसर ल घलो सम्हाल लेबे
हर जीव ल सांस लिए बर, सुख के पल दू पल देबे
इही धरम के मूल भाव ये, नइ मानही ते पछताही रे...

सुशील भोले 
म.नं. 54-191, डॉ. बघेल गली,
संजय नगर (टिकरापारा) रायपुर (छ.ग.)
मोबा. 98269-92811, 79747-25684

Thursday, 4 May 2017

भगवान पाए बर नइ लागय ...

भगवान पाए बर नइ लागय हजार ग्रंथ ल पढ़ना
बस करना परथे वोकरे सहीं अपन जिनगी गढ़ना
कर्महीन मनखे मन तो बस लपराही गोठ करथें
एकरे सेती रंग-रंग के बस उन किस्सा ल गढ़थें

सुशील भोले 
संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
मो.नं. 98269-92811, 79747-25684

Tuesday, 2 May 2017

मुक्ति मिलही तभे जब ...

मुक्ति मिलही तभे जब कर्म के भरही हंडा
कर्म-दोष ले बाचस नहीं चाहे खवाले पंडा
ये तो भरम ये के मिलही सरग म आसन
देख लेबे तोला ठउका यमराज ठठाही डंडा

सुशील भोले 
संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
मो.नं. 98269-92811

Monday, 1 May 2017

चिटिक खेत अउ भर्री नहीं...








चिटिक खेत अउ भर्री नहीं, हमला सफ्फो खार चाही
हमर हाथ हे जबड़ कमइया, धरती सरी चतवार चाही...
हमर पेट ह पोचवा हे अउ, तोर कोठी म धान सरत हे
हमरे खातिर तोर गाल ह, बोइर कस बम लाल होवत हे
गाय-गरु कस पसिया नहीं, अब लेवना के लगवार चाही....
तन बर फरिया-चेंदरी नहीं, अउ तैं कहिथस जाड़ भागगे
घर म भूरीभांग नहीं तब, सुख के कइसे उमर बाढग़े
चिरहा कमरा अउ खुमरी नहीं, अब सेटर के भरमार चाही...
ठाढ़ चिरागे दूनों पांव ह, जरत मंझनिया के सेती
हमर देंह ह होगे हे का, कइसे रे तोरेच पुरती
अब बेंवई परत ले साहन नहीं, हमला सुख-सत्कार चाही...
सुन-सुन बोली कान पिरागे, आश्वासन के धार बोहागे
घुड़ुर-घाडऱ लबरा बादर कस, अब तो तोरो दिन सिरागे
हमला आंसू कस बूंद नहीं, अब महानदी कस धार चाही....
सुशील भोले 
म.नं. 54-191, डॉ. बघेल गली,
संजय नगर (टिकरापारा) रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 098269-92811

देशबंधु में.. नंदिया कसआगू बढ़व..

दैनिक देशबंधु के 30 अप्रेल के अंक में.. नंदिया कसआगू बढ़व..