धरम भूमि म आए हौ त करम के कोठी भरना परही
उप्पर वाला जिनगी देहे फेर खुद वोला गढना परही
भाग के रेखा तो मारग ए जेमा चलना अपने ल परथे
इही सफलता के मंत्र ए तभे दिया के अंजोर बगरथे
मौन के मारे मर जाथे जी कतकों निरलज मनखे
हे अतेक ताकत एमा चाहे वो राहय कतकों तनके
एकरे सेती गुनिक जन मन एकरे सीख सिखाथें
चटर-पटर लपराही गोठ ले बांचे के रद्दा धराथें
जब मैं बसथौं जी संगी मानव-सेवा के निरमल-ग्रंथ म
तब काबर खोजथस तैं मोला जाति धरम अउ पंथ म
सिरतोन संगी एकरे सेती भटकत हस कतकों योनी म
अब समझ मोला पाए के रद्दा नइते जाबे फेर पुरोनी म
बस छीना-झपटी म पाथस तैं कोनो मंच म ठीहा
का उकतावय नहीं जी तोर अइसन करनी म जी हा
देख हमर सत्-संतोष के रद्दा जेमा हम रेंगत हावन
लोगन आरो खुदेच लेथें संग दिल म आसन पाथन
खुदेच उठाना परथे बोझा जब तक तन म स्वांसा हे
खोरवा-लुलुवा हो जावौ भले इही बंधना के फांसा हे
चार खांध तो तभे मिलही जब जीव शिव संग मिलही
तब तक घिलर के रेंगना परही जब तक एहर खटही
करिया कुकुर कूं-कूं करत लफ ले जीभ लमाथे मंत्री-संत्री के बंगला म निच्चट के डेरा जमाथे अउ टांग उठा के गाना गाथे संग पूछी डोलाथे अतकेच म जी संगी वो कतकों ईनाम पा जाथे सुशील भोले संजय नगर, रायपुर (छ.ग.) मोबा. नं. 98269-92811
मया होगे हे एक जोगिन संग कइसे बितही जिनगी
बिच्छल पेंड़वा अउ डारा हे, जेमा बइठे हे वो फुनगी
कइसे चढ़बे सरग निसैनी, थेगहा तो कुछू के नइए
बस चकवा सहीं बीत जाही का ए जिनगी के खनगी
सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 98269-92811