Monday, 18 December 2017

धरम संस्कृति के जे मन नइ...

धरम संस्कृति के जे मन नइ जानंय परिभाषा
बस रटत रहिथें अइसन मन केवल भाषा भाषा

बाहिर के पोथी रटने वाला ले कइसे करिन विश्वास
कइसे होही अइसन ले अस्मिता बर कोनो आस

ढोंग के गरभ ले नइ निकलय क्रांति के कोनो रद्दा
बस चिन्हारी करत लोगन कर देथें इनला बद्दा

अपन मूल चिन्हारी खातिर मूल धर्म अपनाना परही
बाहिर के जतका ग्रंथ-गुरु हें निच्चट तिरियाना परही

तभे आही अंजोरी इहां जब खुद के धर्म-ध्वजा लहराही
मूल आदि धर्म के छइहां म जन-जन जब जुरियाहीं

-सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 9826992811

Sunday, 17 December 2017

गुरु बाबा के कहना हे- मनखे-मनखे ..


















गुरु बाबा के कहना हे- मनखे-मनखे एक समान
सतमारग अउ सतबानी ले ही आही नवा बिहान
नइहे कोनो छोटे-बड़े न ऊँचहा न कोनो हे नीच
सब सिरजे हे एक ज्योति ले इही सबके पहचान

-सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 9826992811

डारा-शाखा म कतेक बिछलबे ..














डारा-शाखा म कतेक बिछलबे पेंड़वा ल सीधा धरले
जड़ संग जइसे वो ठोस रथे फेर तइसन जिनगी गढले
कतेक अमरबे पान-पतइला डारा तो रट ले टूट जाही
फेर इंकरे चक्कर म मूल घलो तोर हाथ ले छूट जाही
(जय मूल देवता-जय मूल संस्कृति)

-सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 9826992811

जे समाज के होवय नहीं...

जे समाज के होवय नहीं स्वतंत्र कोनो चिन्हारी
पर के पाछू भटकत रहिथे इही वोकर लाचारी
धरम-संस्कृति के बात हो या शासन के गोठ
बस पिछलग्गू बने रहिथे नइ होवय कभू रोठ
अइसन बेरा ले बंचना हे त उठाव अगुवा के झंडा
नई खाहू फेर कभूच तुम तो भेद-भाव के डंडा

-सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 9826992811

शिक्षक ल कर्मी बना के ...

शिक्षक ल कर्मी बना के बिगाड़ दिए सरकार
गुरु के महिमा घटही त वो कइसे बनही पतवार
तोरे करनी के फल आय बने कर ले पड़ताल
पढई-लिखई के रद्दा छोड़ उन करत हें हड़ताल
अइसे म कइसे होही जी इहां शिक्षा के बढवार
सोच-समझ अउ कर लइकन के रद्दा चतवार

-सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 9826992811

नवंबर महीना छत्तीसगढ, छत्तीसगढी अउ ...

नवंबर महीना छत्तीसगढ, छत्तीसगढी अउ छत्तीसगढिया मन बर बड़ महत्व के महीना होथे।1नवंबर के हमर नवा राज बने के तिथि आय त 28 नवंबर हमर महतारी भाखा छत्तीसगढी ल विधानसभा म सर्वसम्मति ले पास कर राज्य स्तर म राजभाखा के रूप म मान्यता देय के तिथि आय त काबर न ए पूरा नवंबर महीना ल छत्तीसगढ, छत्तीसगढी अउ छत्तीसगढिया महीना के रूप म विविध आयोजन के माध्यम ले मनाए जाय? 

संगी हो जइसे अभी हमन हिन्दी दिवस मनाए हावन, अपन राष्ट्रभाखा ल रंग-रंग के आयोजन कर सुमरे अउ बढवारी खातिर उदिम करे हावन, ठउका अइसनेच छत्तीसगढी खातिर घलो करे जाय।इहां के जम्मो भाखा, जम्मो संस्कृति अउ जम्मो चिन्हारी खातिर पूरा चारोंखुंट रंग-रंग के आयोजन करे जाय। सरकार के मुंह देखे ल छोड़ के अपन-अपन ठउर म अपन-अपन गांव, शहर अउ सभा-समिति म कोनो न कोनो किसम के आयोजन करन।

आप मन का कहिथव? का मोर कहना सही हे? त अपन बिचार के संग आप का आयोजन कर सकथौ या आयोजन करवा सकथौ एकर सोर-संदेशा देवव।


जम्मो झन ल जोहार


-सुशील भोले-9826992811

जाग गे चिरइया मन पारथें गोहार...












जाग गे चिरइया मन पारथें गोहार
जुड़हा जोहार ले ले जुड़हा जोहार
आना असनांदे जाबो नंदिया कछार
धर मुखारी-कपड़ा ल हब ले निकार
कतकों जाड़ दंदोरथे तभो मंजा आथे
गोरसी तापत अंगाकर घातेच सुहाथे
चारेच महीना ए बने देंह-पांव बनाले
साल भर के बांटा ल ठउका पोगराले
फेर तंदुरूस्ती म तोर आही निखार
जुड़हा जोहार ले ले जी जुड़हा जोहार

-सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 9826992811