Tuesday, 30 June 2015

"सब वोकरे संतान ये संगी" का विमोचन 18 को

छत्तीसगढ़ी भाषा के वरिष्ठ साहित्यकार-पत्रकार सुशील भोले की सातवीं कृति 'सब वोकरे संतान ये संगी" का विमोचन शनिवार 18 जुलाई को आजाद चौक, रायपुर स्थित कुर्मी बोर्डिंग के सभागार में शाम 7 बजे संपन्न होगा। वैभव प्रकाशन, रायपुर द्वारा प्रकाशित इस कृति के विमोचन अवसर पर आप सब सादर आमंत्रित हैं।



Monday, 29 June 2015

माटी के पीरा...


















ए माटी के पीरा ल कतेक बतांव,
कोनो संगी-संगवारी ल खबर नइए।
धन-जोगानी चारों खुंट बगरे हे तभो,
एकर बेटा बर छइहां खदर नइए।।...

कोनो आथे कहूं ले लांघन मगर,
इहां खाथे ससन भर फेर सबर नइए।...

दुख-पीरा के चरचा तो होथे गजब,
फेर सुवारथ के आगू म वो जबर नइए।...

अइसन मनखे ल मुखिया चुनथन काबर,
जेला गरब-गुमान के बतर नइए।...

लहू तो बहुतेच उबलथे तभो ले,
फेर कहूं मेर कइसे गदर नइए।...

सुख-शांति के गोठ तो होथे गजब,
फेर पीरा के भोगइया ल असर नइए।...

सुशील भोले
डॉ. बघेल गली, संजय नगर (टिकरापारा)
रायपुर (छ.ग.) मोबा. नं. 098269 92811
ईमेल- sushilbhole2@gmail.com

धर मशाल ल तैं ह संगी.....


















धर मशाल ल तैं ह संगी, जब तक रतिहा बांचे हे
पांव संभाल के रेंगबे बइहा, जब तक रतिहा बांचे हे....

अरे मंदिर-मस्जिद कहूं नवाले, माथा ल तैं ह संगी
फेर पीरा तोर कम नइ होवय, जब तक रतिहा बांचे हे....

देश मिलगे राज बनगे, फेर सुराज अभी बांचे हे
जन-जन जब तक जबर नइ होही, तब तक रतिहा बांचे हे...

नवा किरण तो लटपट आथे, तभो उदिम करना परही
चलौ यज्ञ कराबो आजादी के, जब तक रतिहा बांचे हे....
सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 080853-05931, 098269-92811
ईमेल - sushilbhole2@gmail.com

Sunday, 28 June 2015

प्रेम - बंधन















प्रेम का बंधन ऐसा जिसमें जाति, धर्म न उम्र का बाधा
हर मूरत में शिव-गौरी, हर जोड़ी में कृष्ण और राधा

सुशील भोले
मोबा. नं. 080853 05931, 098269 92811

Friday, 26 June 2015

स्कूल खुलगे लइकन भरगें ....















स्कूल खुलगे लइकन भरगें फेर नइहे एको मास्टर
कक्षा मन म पानी भरे हे जिहां मेंचका करथे टरटर
हर गांव के हालत इही कइसे बगरय शिक्षा अँजोर
सरकार तो सब देथे कहिथें त कोन लेथे वोला बटोर

सुशील भोले
मोबा. नं. 080853 05931, 098269 92811

Thursday, 25 June 2015

जाग जावय कोनो बघेल....



















आज जरूरत फेर हे जाग जावय कोनो बघेल
खूबचंद कस भीड़ के लोगन ल करय सकेल
महतारी के अँचरा तो लरी-लरी बस होवत हे
लंदी-फंदी के पहरो म सब सपना गे हे ढकेल

सुशील भोले
मो. 80853 05931, 98269 92811

Wednesday, 24 June 2015

मया के बादर झम ले आके....













मया के बादर झम ले आके रितो देइस हे धार
बिजुरी के चमकई संग चहुंक उठिस सब खार
पागा खापे नंगरिहा अब सोन बीजा ल छींचही
तब धरती दाई के गरभ ले अन्नपूर्णा लेही अवतार
सुशील भोले
मो. 80853 05931, 98269 92811