Wednesday, 13 April 2016

लोककला के मान बढाइस हमर....



















लोककला के मान बढाइस हमर छत्तीसगढ़ के
सिरतो संगी ये तो हावय गुरतुर सबले बढ़के
महासिंग के मयारुक नोनी प्रेम के जिनगी-संगी
अपनेच रद्दा रेंगावत हे पुरवी ल सुघ्घर गढ़ के

सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मोबा. नं. 8085305931, 9826992811

Tuesday, 5 April 2016

बाबा दिए हे चुनके जी संविधान...


















देश चलत हे राज चलत हे, चलत हे विधान
बाबा दिए हे हमला अइसे चुनके जी संविधान
नइहे कोनो छोटे-बड़े सबके अधिकार बरोबर
रहिथें मिलके अइसे जइसे सब बदे हें मितान

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 080853-05931, 098269-92811

Thursday, 3 March 2016

पवन दीवान जी का सानिध्य...

ब्रम्हलीन संत कवि पवन दीवान जी के सानिध्य का सौभाग्य मुझे  कई अवसरों पर मिलता रहा है...





Wednesday, 2 March 2016

क्यों शांत हो गये पवन...
















आँधी का रूप दिखाकर क्यों शांत हो गये पवन
तेरे ठहाकों से गूंज रहा है, अब भी धरा-गगन
काम अभी भी कई शेष हैं जो तुमने प्रारंभ किए
छत्तीसगढ़ियों के सपनों को कुछ-कुछ पूर्ण किए
उन्हें पूर्ण करने का हम तो, अब देते हैं वचन
यही हमारी श्रद्धांजलि है, शत-शत तुम्हें नमन


* सुशील भोले *

Saturday, 13 February 2016

प्रेम का बंधन एेसा....















प्रेम का बंधन एेसा जिसमें जाति धर्म न उम्र का बाधा
हर मूरत में शिव-गौरी,  हर जोड़ी में कृष्ण और राधा
*सुशील भोले*

प्रेम भी उतना पावन है....


















प्रेम भी उतना पावन है, जितना मंदिर में पूजा
रंग जाये जो इस रंग में, चढ़े न उस पर दूजा
राधा मीरा गोपियाँ सारी, सब थीं प्रेम दीवानी
हृदय-भाव को उनके, कब किसी ने है बूझा
*सुशील भोले*

Friday, 12 February 2016

आया है बसंत....










मतवाली हुई हवाएं, मादक हुए दिगन्त
सृजन का सम्मोहन जागा नाच उठा अनन्त
कोयल गाती फिर रही इस डाली उस डाली
मधु का प्याला हाथ लिए आया है बसंत....
*सुशील भोले*