रायपुर साहित्य महोत्सव 2014 में पधारे साहित्यकारों को प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल सिरपुर भी ले जाया गया। मुझे मुंबई से आये टीवी धारावाहिक *सत्य मेव जयते* के निर्देशक भटकल जी एवं अन्य साथियों के साथ काव्यपाठ हेतु ले जाया गया। मेरे लिए यह सिरपुर की अविस्मरणीय यात्रा थी....चित्र में लक्ष्मण मंदिर एवं तिवरदेव मंदिर प्रांगण में....
Tuesday, 16 December 2014
Monday, 15 December 2014
Monday, 1 December 2014
रायपुर में जुटेंगी साहित्य की नामी प्रतिभाएं
* 12 से 14 दिसंबर तक रायपुर साहित्य महोत्सव
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पहली बार देश के साथ ही साथ प्रदेश की साहित्यिक प्रतिभाएं एक साथ मंच साझा करेंगी। नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आगामी 12 से 14 दिसंबर तक आयोजित होने वाले 'रायपुर साहित्य महोत्सवÓ में अंचल के रचनाधर्मियों को देश की नामी शख्सियतों को अपनी प्रतिभा से परिचय कराने का अवसर भी प्राप्त होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस साहित्य महोत्सव में प्रतिदिन तीन सत्रों में अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी, इसके लिए गजानन माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी एवं मुकुटधर पाण्डेय के नाम पर तीन अलग-अलग मंडप बनाये गये हैं। आइए देखें कौन-सा कार्यक्रम कब और किस मंडप पर होगा-
12 दिसंबर 2014
सुबह 11 बजे से 12 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- निदा फाजली से बातचीत
पैनलिस्ट- निदा फाजली और सुधीर सक्सेना (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- स्मृति पर एकाग्र
छत्तीसगढ़ के दिवंगत साहित्यकारों को श्रद्धांजलि
पैनलिस्ट-नंद किशोर तिवारी, रमेंद्र नाथ मिश्र और सुशील भोले (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- बस्तर की बोलियां और साहित्य
पैनलिस्ट- यशवंत गौतम (कोंडागांव), जोगेन्द्र महापात्र (जगदलपुर) (सूत्रधार), शिवकुमार पांडे (नारायणपुर), शंकुतला तरार और रूद्र नारायण पाणीग्रही
दोपहर 12.15 से 1.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- काव्य पाठ
पैनलिस्ट केदारनाथ सिंह, विनोद कुमार शुक्ल, नरेश सक्सेना और एकांत श्रीवास्तव (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- क्या लुप्त हो जाएगा लोक
पैनलिस्ट- आराधना प्रधान, रफीक मसूदी (दूरदर्शन), पीयूष दईया, भानु भारतीय और जीवन यदु (खैरागढ़) (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ी सिनेमा और लोकरंग
पैनलिस्ट- प्रेम चंद्राकर, अनुज शर्मा, मनु नायक, रामहृदय तिवारी (सूत्रधार), योग मिश्रा और संतोष जैन
दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- अंधेरे में की अर्धशती
पैनलिस्ट-नरेश सक्सेना, लीलाधर मंडलोई, प्रभात त्रिपाठी और सियाराम शर्मा (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- कविता की कई जुबान
पैनलिस्ट- हेमंत दिवटे, मनीषा लाखे (सूत्रधार), मेनका शिवदासानी, जया जादवानी और पारमिता सतपथी
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- रचनाकार और उनके रचनात्मक अनुभव
पैनलिस्ट- डॉ.कमल किशोर गोयनका, डॉ. दया प्रकाश सिन्हा, सूत्रधार
दोपहर 3.45 से 5.00 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- प्रतिरोध का साहित्य
पैनलिस्ट- अर्चना वर्मा, पी. शिवाकामी, हेमलता महिश्वर, रमणिका गुप्ता, गीताश्री, जया जादवानी (सूत्रधार) और सुमन केसरी
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का लोक साहित्य
पैनलिस्ट- नंदकिशोर तिवारी (सूत्रधार), परदेशी राम वर्मा, पीसी लाल यादव और हरिहर वैष्णव
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम-रंगमंच की चुनौतियां
पैनलिस्ट- विभा रानी, शेखर सेन, अनूप रंजन पांडे, नादिरा बब्बर और योगेन्द्र चौबे (खैरागढ़) (सूत्रधार)
शाम 5 बजे से 6 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- बदलते परिवेश में व्यंग्य
पैनलिस्ट- अशोक चक्रधर, यज्ञ शर्मा, आसकरण अटल, प्रभाकर चौबे और विनोद शंकर शुक्ल (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- सत्ता, साहित्य और संस्कृति
पैनलिस्ट- आनंद वर्धन शर्मा, अशोक शाह, विश्वरंजन, बीकेएस रे, सुशील त्रिवेदी (सूत्रधार) और मनोज श्रीवास्तव
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- गुरतुर छत्तीसगढ़
पैनलिस्ट- सुरेन्द्र दुबे, संजीव तिवारी (दुर्ग) (सूत्रधार), अनुसुईया अग्रवाल (महासमुंद), चितरंजन कर, ललित शर्मा, नीरज मंजीत और गणेश सोनी प्रतीक
13 दिसंबर 2014
सुबह 10 से 11 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- हबीब तनवीर का रंगलोक
पैनलिस्ट- ऋषिकेश सुलभ, नगीन तनवीर, देवेन्द्र राज अंकुर व राजकमल (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र- उपन्यास और नया जीवन यथार्थ
पैनलिस्ट- मैत्रेयी पुष्पा, रणेन्द्र, तेजेंदर और संजीव बख्शी (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ी के आधुनिक साहित्य में नया भावबोध
पैनलिस्ट- विनय पाठक (बिलासपुर), सुरजीत नवदीप (धमतरी), जीवन यदु (खैरागढ़) (सूत्रधार), गोरेलाल चंदेल (खैरागढ़) और मंगत रविन्द्र
सुबह 11 से 12 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- काव्य पाठ
पैनलिस्ट- अशोक वाजपेयी, अपूर्वानंद (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र- साहित्य और कलाओं की अंतनिर्भरता
पैनलिस्ट- एके पंकज, प्रयाग शुक्ल, हंसल मेहता और उदयन वाजपेयी (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- रंगमंच के सितारों से बातचीत
पैनलिस्ट- नादिरा बब्बर, दर्शन जरीवाला, विनय पाठक और विभारानी (सूत्रधार)
दोपहर 12.15 से 1.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- लोकतंत्र और साहित्य
पैनलिस्ट- नंदकिशोर आचार्य, दया प्रकाश सिन्हा, प्रभाकर श्रोत्रिय और दीपक पाचपोर (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- साहित्य की बीसवीं शताब्दी
पैनलिस्ट- केदारनाथ सिंह, अपूर्वानंद, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी और सुधीर रंजन सिंह
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र- छग की लोककथाओं का कथा कथन
पैनलिस्ट- पालेश्वर शर्मा (बिलासपुर), श्यामलाल चतुर्वेदी (बिलासपुर), सुखदई कोर्राम (कोंडागांव, हल्बी) दशमी बाई (बस्तर, भतरी), उग्रेश मरकाम (कोंडागांव, गोंडी), दादा जोकाल, गीदम (दोरली), केयर भूषण (रायपुर), शिवशंकर शुक्ल (सूत्रधार)
दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- सुभाष घई से बातचीत
पैनलिस्ट- सुभाष घई और सूत्रधार
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र- भारतीय भाषाएं और भारतीयता
पैनलिस्ट-अशोक वाजपेयी, नंदकिशोर आचार्य, सुमन केसरी और रामकुमार (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र- साहित्य में लोकप्रियता की खोज
पैनलिस्ट- अशोक माहेश्वरी (राजकमल), प्रभात अग्रवाल, महावीर अग्रवाल (दुर्ग), अदिति माहेश्वरी (वाणी), हेमंत दिवटे और सुधीर शर्मा (रायपुर)
दोपहर 3.45 बजे से 5 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र- छत्तीसगढ़ के कवियों का काव्य पाठ
सूत्रधार - रवि श्रीवास्तव
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- नए दौर में पत्रकारिता
पैनलिस्ट- अच्युतानंद मिश्र (दिल्ली), राहुल देव (दिल्ली), विनोद शर्मा (दिल्ली) (सूत्रधार), रमेश नैय्यर, अनंत विजय और सच्चिानंद जोशी, रायपुर
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का रंगमंच
पैनलिस्ट- मिर्जा मसूद, निसार अली, जलील रिजवी, सुभाष मिश्र (सूत्रधार), उषा आठले और विजय सिंह
शाम 5 बजे से 6 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र- भक्ति काव्य : समकालीन पाठ की तलाश
पैनलिस्ट- पुरूषोत्तम, प्रभात त्रिपाठी, अर्चना वर्मा
2. पदमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का नया परिवेश सहुलियतें और चुनौतियां
पैनलिस्ट- संजय अलंग (सूत्रधार), सुशील त्रिवेदी, त्रिलोक महावर और जयंत थोरात
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- साहित्य और सिनेमा
पैनलिस्ट- अजय ब्रह्रात्मज, अशोक मिश्रा, मिहिर, चंद्रप्रकाश द्विवेदी (सूत्रधार)
14 दिसंबर 2014
सुबह 10 से 11 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- बदलते परिवेश में हिंदी कहानी
पैनलिस्ट- रमाकांत श्रीवास्तव, जय शंकर, आनंद हर्षुल (सूत्रधार), कैलाश वनवासी (सूत्रधार) और मनोज रूपड़ा
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- सत्यमेव जयते की टीम से बातचीत
पैनलिस्ट- सत्यजीत भटकल, लेसलाट फर्नांडिस और अजय ब्रह्रात्मज (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- बचपन, टीवी, सिनेमा और किताबें
पैनलिस्ट- क्षमा शर्मा, सुशील शुक्ला, शंभुलाल शर्मा बसंत (रायगढ़) और श्याम सुंदर त्रिपाठी (रायपुर)
सुबह 11 से 12 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- काव्य पाठ
पैनलिस्ट- लीलाधर मंडलोई, प्रयाग शुक्ल और जयप्रकाश (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- कथा कथन
पैनलिस्ट- मालती जोशी, परदेशी राम वर्मा, राजेश गनोदवाले (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- आज का सिनेमा और गीत रचना
पैनलिस्ट-मनोज मुंतशिर, इरशाद, कामिल, नवाब आरजू और वरूण ग्रोवर
दोपहर 12.15 से 1.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम - छत्तीसगढ़ के कवियों का काव्यपाठ
सूत्रधार - रमेश अनुपम
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- असहमतियों के बीच साहित्य
पैनलिस्ट- भवानी बसीर यासीर, विजय मल्ला, कनक तिवारी, राजीव रंजन प्रसाद (सूत्रधार) और क्षमा कौल
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- आभासी संसार में शब्द सर्जना
पैनलिस्ट- जगदीश्वर चतुर्वेदी, वरूण ग्रोवर, प्रभात रंजन (सूत्रधार), विनीत कुमार, अविनाश दास और मनीषा पांडे
दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- साहित्य में शुचिता
पैनलिस्ट- डॉ. मृदुला सिन्हा, डॉ. प्रभाकर श्रोत्रिय और सूत्रधार
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- सरगुजा अंचल का लोक साहित्य
पैनलिस्ट- अनिरूद्ध नीरव (अंबिकापुर) सुधीर पाठक (अंबिकापुर) (सूत्रधार), सुधीर पांडेय (अंबिकापुर) और सतीश उपाध्याय
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति
पैनलिस्ट- अरूण कुमार शर्मा, लक्ष्मीशंकर निगम, शिवाकांत वाजपेयी, नंदिनी परिहार, आर.ए. विश्वकर्मा, रमेन्द्रनाथ मिश्र और अशोक तिवारी
दोपहर 3.45 बजे से 5 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का लोकगीत
पैनलिस्ट- लालराम कुमार सिंह (सूत्रधार), रिखी क्षत्रिय (भिलाई), खुमान साव (राजनांदगांव) बलवीर कच्छ (आकाशवाणी, जगदलपुर) ममता चंद्राकर (आकाशवाणी, रायपुर) और लक्ष्मण मस्तुरिया (रायपुर)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- नए दौर में पत्रकारिता
पैनलिस्ट- विश्वनाथ सचदेव (मुंबई), कल्पेश याग्निक (इंदौर), सुनील कुमार (रायपुर), हिमांशु द्विवेदी (रायपुर), (सूत्रधार), परितोष चक्रवर्ती (रायपुर) और मिहिर पंड्या
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ की लोककलाएं
पैनलिस्ट- राजेन्द्र ठाकुर (जगार), हीरामणि कश्यप (धनकुल वादन), राहुल सिंह (रायपुर, सूत्रधार), सुनिता वर्मा (भिलाई), खेम वैष्णव (कोंडागांव), अशोक तिवारी (रायपुर) और निरंजन महावर (रायपुर)
समापन समारोह : शाम 5 से 6 बजे तक
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पहली बार देश के साथ ही साथ प्रदेश की साहित्यिक प्रतिभाएं एक साथ मंच साझा करेंगी। नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आगामी 12 से 14 दिसंबर तक आयोजित होने वाले 'रायपुर साहित्य महोत्सवÓ में अंचल के रचनाधर्मियों को देश की नामी शख्सियतों को अपनी प्रतिभा से परिचय कराने का अवसर भी प्राप्त होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस साहित्य महोत्सव में प्रतिदिन तीन सत्रों में अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी, इसके लिए गजानन माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी एवं मुकुटधर पाण्डेय के नाम पर तीन अलग-अलग मंडप बनाये गये हैं। आइए देखें कौन-सा कार्यक्रम कब और किस मंडप पर होगा-
12 दिसंबर 2014
सुबह 11 बजे से 12 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- निदा फाजली से बातचीत
पैनलिस्ट- निदा फाजली और सुधीर सक्सेना (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- स्मृति पर एकाग्र
छत्तीसगढ़ के दिवंगत साहित्यकारों को श्रद्धांजलि
पैनलिस्ट-नंद किशोर तिवारी, रमेंद्र नाथ मिश्र और सुशील भोले (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- बस्तर की बोलियां और साहित्य
पैनलिस्ट- यशवंत गौतम (कोंडागांव), जोगेन्द्र महापात्र (जगदलपुर) (सूत्रधार), शिवकुमार पांडे (नारायणपुर), शंकुतला तरार और रूद्र नारायण पाणीग्रही
दोपहर 12.15 से 1.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- काव्य पाठ
पैनलिस्ट केदारनाथ सिंह, विनोद कुमार शुक्ल, नरेश सक्सेना और एकांत श्रीवास्तव (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- क्या लुप्त हो जाएगा लोक
पैनलिस्ट- आराधना प्रधान, रफीक मसूदी (दूरदर्शन), पीयूष दईया, भानु भारतीय और जीवन यदु (खैरागढ़) (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ी सिनेमा और लोकरंग
पैनलिस्ट- प्रेम चंद्राकर, अनुज शर्मा, मनु नायक, रामहृदय तिवारी (सूत्रधार), योग मिश्रा और संतोष जैन
दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- अंधेरे में की अर्धशती
पैनलिस्ट-नरेश सक्सेना, लीलाधर मंडलोई, प्रभात त्रिपाठी और सियाराम शर्मा (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- कविता की कई जुबान
पैनलिस्ट- हेमंत दिवटे, मनीषा लाखे (सूत्रधार), मेनका शिवदासानी, जया जादवानी और पारमिता सतपथी
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- रचनाकार और उनके रचनात्मक अनुभव
पैनलिस्ट- डॉ.कमल किशोर गोयनका, डॉ. दया प्रकाश सिन्हा, सूत्रधार
दोपहर 3.45 से 5.00 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- प्रतिरोध का साहित्य
पैनलिस्ट- अर्चना वर्मा, पी. शिवाकामी, हेमलता महिश्वर, रमणिका गुप्ता, गीताश्री, जया जादवानी (सूत्रधार) और सुमन केसरी
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का लोक साहित्य
पैनलिस्ट- नंदकिशोर तिवारी (सूत्रधार), परदेशी राम वर्मा, पीसी लाल यादव और हरिहर वैष्णव
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम-रंगमंच की चुनौतियां
पैनलिस्ट- विभा रानी, शेखर सेन, अनूप रंजन पांडे, नादिरा बब्बर और योगेन्द्र चौबे (खैरागढ़) (सूत्रधार)
शाम 5 बजे से 6 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- बदलते परिवेश में व्यंग्य
पैनलिस्ट- अशोक चक्रधर, यज्ञ शर्मा, आसकरण अटल, प्रभाकर चौबे और विनोद शंकर शुक्ल (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- सत्ता, साहित्य और संस्कृति
पैनलिस्ट- आनंद वर्धन शर्मा, अशोक शाह, विश्वरंजन, बीकेएस रे, सुशील त्रिवेदी (सूत्रधार) और मनोज श्रीवास्तव
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- गुरतुर छत्तीसगढ़
पैनलिस्ट- सुरेन्द्र दुबे, संजीव तिवारी (दुर्ग) (सूत्रधार), अनुसुईया अग्रवाल (महासमुंद), चितरंजन कर, ललित शर्मा, नीरज मंजीत और गणेश सोनी प्रतीक
13 दिसंबर 2014
सुबह 10 से 11 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- हबीब तनवीर का रंगलोक
पैनलिस्ट- ऋषिकेश सुलभ, नगीन तनवीर, देवेन्द्र राज अंकुर व राजकमल (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र- उपन्यास और नया जीवन यथार्थ
पैनलिस्ट- मैत्रेयी पुष्पा, रणेन्द्र, तेजेंदर और संजीव बख्शी (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ी के आधुनिक साहित्य में नया भावबोध
पैनलिस्ट- विनय पाठक (बिलासपुर), सुरजीत नवदीप (धमतरी), जीवन यदु (खैरागढ़) (सूत्रधार), गोरेलाल चंदेल (खैरागढ़) और मंगत रविन्द्र
सुबह 11 से 12 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- काव्य पाठ
पैनलिस्ट- अशोक वाजपेयी, अपूर्वानंद (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र- साहित्य और कलाओं की अंतनिर्भरता
पैनलिस्ट- एके पंकज, प्रयाग शुक्ल, हंसल मेहता और उदयन वाजपेयी (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- रंगमंच के सितारों से बातचीत
पैनलिस्ट- नादिरा बब्बर, दर्शन जरीवाला, विनय पाठक और विभारानी (सूत्रधार)
दोपहर 12.15 से 1.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- लोकतंत्र और साहित्य
पैनलिस्ट- नंदकिशोर आचार्य, दया प्रकाश सिन्हा, प्रभाकर श्रोत्रिय और दीपक पाचपोर (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- साहित्य की बीसवीं शताब्दी
पैनलिस्ट- केदारनाथ सिंह, अपूर्वानंद, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी और सुधीर रंजन सिंह
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र- छग की लोककथाओं का कथा कथन
पैनलिस्ट- पालेश्वर शर्मा (बिलासपुर), श्यामलाल चतुर्वेदी (बिलासपुर), सुखदई कोर्राम (कोंडागांव, हल्बी) दशमी बाई (बस्तर, भतरी), उग्रेश मरकाम (कोंडागांव, गोंडी), दादा जोकाल, गीदम (दोरली), केयर भूषण (रायपुर), शिवशंकर शुक्ल (सूत्रधार)
दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- सुभाष घई से बातचीत
पैनलिस्ट- सुभाष घई और सूत्रधार
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र- भारतीय भाषाएं और भारतीयता
पैनलिस्ट-अशोक वाजपेयी, नंदकिशोर आचार्य, सुमन केसरी और रामकुमार (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र- साहित्य में लोकप्रियता की खोज
पैनलिस्ट- अशोक माहेश्वरी (राजकमल), प्रभात अग्रवाल, महावीर अग्रवाल (दुर्ग), अदिति माहेश्वरी (वाणी), हेमंत दिवटे और सुधीर शर्मा (रायपुर)
दोपहर 3.45 बजे से 5 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र- छत्तीसगढ़ के कवियों का काव्य पाठ
सूत्रधार - रवि श्रीवास्तव
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- नए दौर में पत्रकारिता
पैनलिस्ट- अच्युतानंद मिश्र (दिल्ली), राहुल देव (दिल्ली), विनोद शर्मा (दिल्ली) (सूत्रधार), रमेश नैय्यर, अनंत विजय और सच्चिानंद जोशी, रायपुर
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का रंगमंच
पैनलिस्ट- मिर्जा मसूद, निसार अली, जलील रिजवी, सुभाष मिश्र (सूत्रधार), उषा आठले और विजय सिंह
शाम 5 बजे से 6 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र- भक्ति काव्य : समकालीन पाठ की तलाश
पैनलिस्ट- पुरूषोत्तम, प्रभात त्रिपाठी, अर्चना वर्मा
2. पदमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का नया परिवेश सहुलियतें और चुनौतियां
पैनलिस्ट- संजय अलंग (सूत्रधार), सुशील त्रिवेदी, त्रिलोक महावर और जयंत थोरात
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- साहित्य और सिनेमा
पैनलिस्ट- अजय ब्रह्रात्मज, अशोक मिश्रा, मिहिर, चंद्रप्रकाश द्विवेदी (सूत्रधार)
14 दिसंबर 2014
सुबह 10 से 11 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- बदलते परिवेश में हिंदी कहानी
पैनलिस्ट- रमाकांत श्रीवास्तव, जय शंकर, आनंद हर्षुल (सूत्रधार), कैलाश वनवासी (सूत्रधार) और मनोज रूपड़ा
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- सत्यमेव जयते की टीम से बातचीत
पैनलिस्ट- सत्यजीत भटकल, लेसलाट फर्नांडिस और अजय ब्रह्रात्मज (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- बचपन, टीवी, सिनेमा और किताबें
पैनलिस्ट- क्षमा शर्मा, सुशील शुक्ला, शंभुलाल शर्मा बसंत (रायगढ़) और श्याम सुंदर त्रिपाठी (रायपुर)
सुबह 11 से 12 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- काव्य पाठ
पैनलिस्ट- लीलाधर मंडलोई, प्रयाग शुक्ल और जयप्रकाश (सूत्रधार)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- कथा कथन
पैनलिस्ट- मालती जोशी, परदेशी राम वर्मा, राजेश गनोदवाले (सूत्रधार)
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- आज का सिनेमा और गीत रचना
पैनलिस्ट-मनोज मुंतशिर, इरशाद, कामिल, नवाब आरजू और वरूण ग्रोवर
दोपहर 12.15 से 1.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम - छत्तीसगढ़ के कवियों का काव्यपाठ
सूत्रधार - रमेश अनुपम
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- असहमतियों के बीच साहित्य
पैनलिस्ट- भवानी बसीर यासीर, विजय मल्ला, कनक तिवारी, राजीव रंजन प्रसाद (सूत्रधार) और क्षमा कौल
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- आभासी संसार में शब्द सर्जना
पैनलिस्ट- जगदीश्वर चतुर्वेदी, वरूण ग्रोवर, प्रभात रंजन (सूत्रधार), विनीत कुमार, अविनाश दास और मनीषा पांडे
दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- साहित्य में शुचिता
पैनलिस्ट- डॉ. मृदुला सिन्हा, डॉ. प्रभाकर श्रोत्रिय और सूत्रधार
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- सरगुजा अंचल का लोक साहित्य
पैनलिस्ट- अनिरूद्ध नीरव (अंबिकापुर) सुधीर पाठक (अंबिकापुर) (सूत्रधार), सुधीर पांडेय (अंबिकापुर) और सतीश उपाध्याय
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति
पैनलिस्ट- अरूण कुमार शर्मा, लक्ष्मीशंकर निगम, शिवाकांत वाजपेयी, नंदिनी परिहार, आर.ए. विश्वकर्मा, रमेन्द्रनाथ मिश्र और अशोक तिवारी
दोपहर 3.45 बजे से 5 बजे तक
1. गजानन माधव मुक्तिबोध मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ का लोकगीत
पैनलिस्ट- लालराम कुमार सिंह (सूत्रधार), रिखी क्षत्रिय (भिलाई), खुमान साव (राजनांदगांव) बलवीर कच्छ (आकाशवाणी, जगदलपुर) ममता चंद्राकर (आकाशवाणी, रायपुर) और लक्ष्मण मस्तुरिया (रायपुर)
2. पदुमलाल पुन्ना लाल बख्शी मंडप
सत्र का नाम- नए दौर में पत्रकारिता
पैनलिस्ट- विश्वनाथ सचदेव (मुंबई), कल्पेश याग्निक (इंदौर), सुनील कुमार (रायपुर), हिमांशु द्विवेदी (रायपुर), (सूत्रधार), परितोष चक्रवर्ती (रायपुर) और मिहिर पंड्या
3. मुकुटधर पांडेय मंडप
सत्र का नाम- छत्तीसगढ़ की लोककलाएं
पैनलिस्ट- राजेन्द्र ठाकुर (जगार), हीरामणि कश्यप (धनकुल वादन), राहुल सिंह (रायपुर, सूत्रधार), सुनिता वर्मा (भिलाई), खेम वैष्णव (कोंडागांव), अशोक तिवारी (रायपुर) और निरंजन महावर (रायपुर)
समापन समारोह : शाम 5 से 6 बजे तक
Saturday, 29 November 2014
छत्तीसगढ़ी दिवस पर संगोष्ठी संपन्न...
कालिन्दी शिक्षा महाविद्यालय लालपुर, रायपुर में छत्तीसगढ़ी दिवस के अवसर पर शुक्रवार 28 नवंबर को अपरान्ह 1 बजे से संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संस्था के प्राचार्य डॉ. सुखदेवराम साहू *सरस* की अध्यक्षता एवं रायपुर नगर निगम के उपायुक्त डॉ. जे.आर. सोनी के मुख्यआतिथ्य में आयोजित उक्त संगोष्ठी में सुशील भोले छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर, सुधा वर्मा छत्तीसगढ़ी परंपरा पर, दिनेश चौहान छत्तीसगढ़ी जनउला पर अपने-अपने विचार रखे। इसके अतिरिक्त संस्था के छात्र-छात्राओं ने भी अपनी विभिन्न प्रस्तुतियां दी।
संस्था के प्राचार्य डॉ. सुखदेवराम साहू *सरस* की अध्यक्षता एवं रायपुर नगर निगम के उपायुक्त डॉ. जे.आर. सोनी के मुख्यआतिथ्य में आयोजित उक्त संगोष्ठी में सुशील भोले छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर, सुधा वर्मा छत्तीसगढ़ी परंपरा पर, दिनेश चौहान छत्तीसगढ़ी जनउला पर अपने-अपने विचार रखे। इसके अतिरिक्त संस्था के छात्र-छात्राओं ने भी अपनी विभिन्न प्रस्तुतियां दी।
Monday, 24 November 2014
संगवारी राजा....
आजा रे संगवारी राजा,
लेके आजा गंड़वा बाजा
संग म घोड़ा-गाड़ी-बराती,
मइके के संग छोड़ाजा.....
फुगड़ी बिल्लस के दिन परागे
खोखो डड़इय्या घलो झुपागे
अब तो मोहरी के धुन सुनाजा... आजा रे...
भरे जाड़ म कातिक नहावन
महादेव ल तोर बर मनावन
अब तो फल पाये के आरो देवाजा... आजा रे...
तीजा उपास घलो रहि जावन
सब के संग म फुलेरी सजावन
वोकरो महिमा के परसाद चिखाजा... आजा रे...
(फोटो-गुजरात हैंडीक्राफ्ट आर्ट से साभार)
सुशील भोले
54/191, डॉ. बघेल गली, संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 080853-05931, 098269-92811
ई-मेल - sushilbhole2@gmail.com
Monday, 17 November 2014
'भोले के गोले" म छूटत गियान के गोला
ये पुस्तक ह पंचमिझरा साग के सुवाद देथे। ये साग के अपन सुवाद होथे। हमर बारी बखरी के हर फर के मान रखे जाथे, एक-एक, दू-दी ठन फर ल मिंझार के अइसना साग बनाये जाथे के मनखे ह अंगरी चाटत रहि जाथे। इही हाल ये 'भोले के गोले" के आय। अपन हर विधा ल सकेल के सुशील भोले ह गोला फेंके हावय। बियंग म बियंग के गोला हावय, तव लेख म सुग्घर विचार के संग-संग पीरा के गोला हावय। 'सुरता" म अपन सुरता के गोला फेंके हावय त कहिनी म 'मन के सुख" के गोला बांटत हावय।
ये संकलन म एके ठन कहिनी हावय फेर कहिनी के संदेश गंज अकन हावय। एक नारी के विकास यात्रा जेमा बाल-विवाह के बाद पढ़े-लिखे पति के छोडऩा अउ रेजा के काम ले जिनगी शुरू करके झाड़ू-पोंछा, फेर नर्स ओखर बाद पढ़-लिख के एक डॉक्टर बनना। ये अंजलि के कहिनी आय जेन अंजलि ल बाद म सरकार ले 'नारी शक्ति सम्मान" मिलथे। ये कहिनी के एक पक्ष आय जिहां अंजलि मेहनत करथे। फेर अपन मन ल कइसे संतुष्ट करय? दूसर पक्ष आय के अपन संतुष्टि बर ओ ह संगीत ल चुनथे। काबर के संगीत आत्मा ल परमात्मा ले जोरथे। ये ह अंजली के दूसर पक्ष आय। कहिनी के अंत मन ल छू लेथे- 'तन के सुख के संगे-संग वो ह लोगन ल मन के सुख घलो बांटथे।"
'नवा बछर के नवा आस" लेख म सुशील भोले ह छत्तीसगढ़ ल दस बछर के लइका के रूप म देखत हावय अउ काहत हावय के हमर ददा-बबा मन जेन सपना देखे हावंय ओ रूप ल गढऩा हे। अपना भाखा, साहित्य, कला संस्कृति, संस्कार ल बनाना हे। लेखक अपन जिम्मेदारी के एहसास करावत हावय। 'छत्तीसगढ़ के मूल संस्कृति" के माध्यम ले छत्तीसगढ़ के तीज तिहार ल छत्तीसगढ़ के संदर्भ म जेन लेखन आज होवत हावय ओखर तालमेल, हमर संस्कृति म नई दिखय। मूल संस्कृति दूरिहावत हावय। ये लेख हमर संस्कृति के पूरा जानकारी देथे।
'अस्मिता के आत्मा संस्कृति" आज दूसर प्रदेश ले आये मनखे मन के संस्कृति ल छत्तीसगढ़ के संस्कृति के रूप म लिखत-पढ़त हावयं। ये लेख म लेखक ल एक आस हावय के इंटरनेट के माध्यम ले छत्तीसगढ़ी ह चारोंखुंट पहुंचगे हावय। अवइया बेरा म छत्तीसगढ़ भासा चमकही। ये छत्तीसगढ़ी भासा के व्याकरण 125 बछर पहिली लिखागे रहिस हे। हीरालाल चन्नाहू 'काव्योपाध्याय" के लिखे व्याकरन के अंग्रेजी अनुवाद जार्ज ग्रियर्सन ह 1890 म करे रहिस हे। फेर ये ह आठवीं अनुसूची म काबर नई आत हावय?
'हीरा गंवा ये बनकचरा" म दू बात हावय एक तो इहां के संस्कृति सतयुग के संस्कृति आय। शिव उपासना, बूढ़ादेव के संस्कृति इहां रचे-बसे हावय न कि राम या कृष्ण। दूसर बात आय के इहां के हीरा बेटा याने जेन असल म छत्तीसगढ़ के लेखक कवि हावय, जेन ल बनकचरा म फेंके गे हावय, लुका देय गे हावय तेन ल खोज के आगू म लाना है। 'तभे आथे निखार" म छत्तीसगढ़ी पत्र-पत्रिका के जानकारी देय गे हावय। येखर संग-संग लेखक के कहना हावय के देवनागरी लिपि के सबो वर्णमाला ल अपना के शुद्ध भासा बनाना चाही। येखर ले देवनागरी पढ़इया मनखे मन येला पढ़के समझ सकंय अउ आत्मसात कर सकयं। ये सब्बो लेख छत्तीसगढ़ी भाषा बर लिखे गे हावय। ये स्तरीय लेख ल पढ़के सब ल अपन भासा के प्रति जागरुकता आही।
सुशील भोले ह बियंग विधा म घलो कलम चलाय हावय। 'गोल्लर ल गरुवा सम्मान" म सम्मान अऊ पुरस्कार ल चना-फुटेना असन बांटे जाथे। तेखर ऊपर बियंग हे। 'धोंधो बाई" में कवियत्री के माध्यम ले बियंग करे गे हावय। आजकल आयोजन मन रूप-रंग अउ देह, पांव ल जादा देखथे। जेन जतका जादा फेशन करके रहिथे, वो वोत के बड़े कवियत्री। 'सम्मान के सपना" म लेखक ह छत्तीसगढ़ के सच्चाई ल बियंग के माध्यम ले उजागर करे हावय। राज सरकार के अलंकरण ले ले के केन्द्र सरकार के पद्य सम्मान तक के सपना म बिधुन होगे हावयं। बपरा मन अपन-अपन परिचय के कागद धरे ये गली ले वो गली, सिफारिश तक किंजर-किंजर के साड़ ले सोक-सोकहा बानी के पठरू कस होगे हावय। 'दीया तरी अंधियार" म घुघुवा के माध्यम ले बड़े-बड़े नेता व्यापारी के नौकर के सुरता आगे। आखिर उंखर देवारी कइसे होथे। ये बियंग दिल ल छू लेथे। बड़े-बड़ेे बिषय ल बियंग के माध्यम ले सुशील भोले ह आसान कर दे हावय।
'पुरखा मन के सुरता के परब पितर पाख", 'पहिली सुमरनी तोर" म गनेस के जानकारी, 'गुथौं हो मालिन माई बर फूल गजरा" म छत्तीसगढ़ के संस्कृति म जंवारा (नवरात) के पूरा जानकारी हावय। अमरित पाए के परब शरद पुन्नी म समुद्र मंथन ले निकले विष अउ अमरित के संग-संग बस्तर के दसरहा के जम्मो जानकारी हावय जेन इंहा के जुन्ना संस्कृति ल उजागर करथे। छत्तीसगढ़ म कार्तिक नहाना अउ गौरा-गौरी के बिहाव, सुवा नाच के जानकारी के संग-संग 'एक पतरी रैनी-बैनी" म गौेरी-गौरा के बिहाव के पूरा जानकारी हावय। मेला मड़ई के जानकारी के संग-संग राजिम म कुलेश्वर महादेव के जगह राजीव लोचन के नांव ले कुंभ मेला भरना इहां के संस्कृति संग खिलवाड़ करना आय। हर लेख म लेखक के छत्तीसगढ़ के भासा, इतिहास, संस्कृति ऊपर पीरा दिखाई देथे।
'सुरता" म नाचा के पुरोधा मदन निषाद, पंडवानी पुरोधा नारायण प्रसाद वर्मा, बिसंभर यादव 'मरहा" के संग-संग सुराजी वीर अनंतराम बर्छिहा के जानकारी देय हावय। अंत म हमर मूल परब के जानकारी देय गे हे। येमा तीज तिहार के जतका जानकारी देय गे हावय, ओला विस्तृत समझे जा सकथे। आज हमर छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक करवा चौथ, संतान सप्तमी पहुंचगे हावय। हमर पूजा पाठ के तरिका बदल गे हावय। आज धान्य लक्ष्मी के पूजा के जगह सब धन लक्ष्मी के पूजा करथें। ऊंखर बर हमर परब ल जानना बहुत जरूरी हावय।
ये पुस्तक म भासा संस्कृति के जानकारी ल देय के कारन पठनीय अउ संग्रहनीय हावय। येखर भासा सुग्घर अउ सरल हावय। हाना गीत के संग लेख के प्रस्तुति रोचक बनगे हावय। मूल संस्कृति के जानकारी देय बर सुशील भोले ल बधाई।
किताब - भोले के गोले
लेखक - सुशील भोले
समीक्षक -सुधा वर्मा
प्रकाशक- वैभव प्रकाशन, रायपुर
मूल्य- 100 रूपये
Sunday, 16 November 2014
छत्तीसगढ़ी दिवस पर संगोष्ठी...
कालिन्दी शिक्षा महाविद्यालय लालपुर, रायपुर में छत्तीसगढ़ी दिवस के अवसर पर शुक्रवार 28 नवंबर 2014 को अपरान्ह 1 बजे से संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।
संस्था के प्राचार्य डॉ. सुखदेवराम साहू *सरस* ने जानकारी दी है कि रायपुर नगर निगम के उपायुक्त डॉ. जे.आर. सोनी के मुख्यआतिथ्य में आयोजित उक्त संगोष्ठी में सुशील भोले छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर, सुधा वर्मा छत्तीसगढ़ी परंपरा पर, दिनेश चौहान छत्तीसगढ़ी जनउला पर, शीतल शर्मा छत्तीसगढ़ी सिनेमा पर एवं चंद्रशेखर चकोर छत्तीसगढ़ी लोकखेल पर अपना वक्तव्य देंगे।
इसके अतिरिक्त संस्था के छात्र अपनी विभिन्न प्रस्तुति देंगे। ज्ञात रहे इस दिन महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ी में ही बातचीत एवं कार्य करते हैं।
संस्था के प्राचार्य डॉ. सुखदेवराम साहू *सरस* ने जानकारी दी है कि रायपुर नगर निगम के उपायुक्त डॉ. जे.आर. सोनी के मुख्यआतिथ्य में आयोजित उक्त संगोष्ठी में सुशील भोले छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर, सुधा वर्मा छत्तीसगढ़ी परंपरा पर, दिनेश चौहान छत्तीसगढ़ी जनउला पर, शीतल शर्मा छत्तीसगढ़ी सिनेमा पर एवं चंद्रशेखर चकोर छत्तीसगढ़ी लोकखेल पर अपना वक्तव्य देंगे।
इसके अतिरिक्त संस्था के छात्र अपनी विभिन्न प्रस्तुति देंगे। ज्ञात रहे इस दिन महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ी में ही बातचीत एवं कार्य करते हैं।
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