Sunday, 31 December 2017

सुशील भोले सम्मानित..



साहित्य संदेश बागबाहरा द्वारा ग्राम खोपली में स्व . मेहतर लाल साहू स्मृति कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में कवि सुशील भोले को स्व . नारायण लाल परमार स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। 25 दिसंबर को आयोजित इस गरिमामय आयोजन में धनराज साहू, सुनिल शर्मा नील, मनीराम साहू, अशोक शर्मा, हरिकृष्ण श्रीवास्तव, रूपेश तिवारी, सहित अनेक कवि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

इस अवसर पर ग्राम खोपली में आयोजित कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवि सुशील भोले, सुनिल शर्मा नील, मनीराम साहू मितान, शशिभूषण स्नेही, सलीम कुरैशी, राजेन्द्र श्रीवास्तव, हबीब खान समर, हरिकृण श्रीवास्तव आदि ने देर रात तक श्रोताओं को कविता रस से सराबोर किया।25 दिसंबर को आयोजित कवि सम्मेलन का संचालन अशोक शर्मा ने एवं आभार प्रदर्शन के साथ ही छत्तीसगढी के प्रथम गजलकार स्व. मेहतर राम साहू जी की कविता का पाठ उनके सुपुत्र धनराज साहू ने किया।

संस्कृति और सम्मान...

(संदर्भः आंग्ल नव वर्ष का विरोध)
हमारी संस्कृति दुनिया की हर संस्कृति और सभ्यता का सम्मान करना सिखाती है, इसीलिए पूरे विश्व को अपना परिवार मानने की शिक्षा दी जाती है। जो लोग अन्य संस्कृति, परंपरा या सभ्यता का सम्मान करने के बजाय उसके विपरित विष वमन करते हैं, ऐसे लोग कदापि धर्म के जानकार या रक्षक नहीं हो सकते। ऐसे लोगों को मूर्ख और उससे भी बढकर धूर्त कहा जाना उचित होगा। साथ ही यह भी उचित होगा कि ऐसे लोगों की बातों की उपेक्षा की जाए, उन्हें अमान्य किया जाए।

-सुशील भोले
संयोजक, आदि धर्म सभा
संजय नगर, रायपुर
मो नं 9826992811

दैनिक पत्रिका में - नवा बिहान के आस


Wednesday, 27 December 2017

आज के लइका मन बांटा म दाई-ददा ल...













आज के लइका मन बांटा म दाई-ददा ल बांट लेथें
कोन काकर संग रइही अपन हिस्सा म छांट लेथें
होथे जरूरत जब जादा एक-दूसर संग म रहे के
तब बज्जुर छाती करना परथे ए बीपत ल सहे के
मया-पिरित के बंधना लइकई-झगरा म टूट जथे
जाने कइसे ए उमर म आके देव-कृपा ह रूठ जथे

सुशील भोले 
54-191, डॉ. बघेल गली,
संजय नगर (टिकरापारा) रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 98269-92811

चंडी मंदिर दर्शन घुंचापाली बागबाहरा





सुशील भोले नारायण लाल परमार सम्मान से सम्मानित




साहित्य संदेश बागबाहरा द्वारा ग्राम खोपली में स्व . मेहतर लाल साहू स्मृति कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में कवि सुशील भोले को स्व . नारायण लाल परमार स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। 25 दिसंबर को आयोजित इस गरिमामय आयोजन में धनराज साहू, सुनिल शर्मा नील, मनीराम साहू, अशोक शर्मा, हरिकृष्ण श्रीवास्तव, रूपेश तिवारी, सहित अनेक कवि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

इस अवसर पर ग्राम खोपली में आयोजित कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवि सुशील भोले, सुनिल शर्मा नील, मनीराम साहू मितान, शशिभूषण स्नेही, सलीम कुरैशी, राजेन्द्र श्रीवास्तव, हबीब खान समर, हरिकृण श्रीवास्तव आदि ने देर रात तक श्रोताओं को कविता रस से सराबोर किया।25 दिसंबर को आयोजित कवि सम्मेलन का संचालन अशोक शर्मा ने एवं आभार प्रदर्शन के साथ ही छत्तीसगढी के प्रथम गजलकार स्व. मेहतर राम साहू जी की कविता का पाठ उनके सुपुत्र धनराज साहू ने किया।

Monday, 18 December 2017

दैवीय शक्तियों को परखने या अनुभव करने ..

दैवीय शक्तियों को परखने या अनुभव करने के लिए कुई लोग उसकी प्रक्रिया को पूर्ण करने के बजाय केवल तर्क-वितर्क करते रहते हैं, और ईश्वरीय उपस्थिति पर प्रश्नचिन्ह अंकित करते हैं। जबकि यह नियम है कि हर चीज की प्राप्ति के लिए उस नियम या प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए। 
मान लिजिए संतान की उत्पत्ति करना है, तो निश्चित रूप से उसकी संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्ण करना ही पड़ेगा। ऐसा ही ईश्वरीय अनुभूति या दर्शन के लिए भी आपको उसकी संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण करना ही होगा। केवल तर्क-वितर्क किसी भी परिणाम के लिए निर्धारित मार्ग नहीं है। इसलिए आवश्यक है कि आप तर्कों के जाल से बाहर निकलें और तप-साधना के मार्ग पर अग्रसर हों। साधना का मार्ग और प्रतीक कुछ भी हो सकता है, परिणाम सभी के माध्यम से प्राप्त होता है।

-सुशील भोले-9826992811
संजय नगर, रायपुर