Thursday, 14 November 2013

बचपन वापस आ जाए...












ऐसा कर दो कोई करिश्मा, बचपन वापस आ जाए
जीवन चक्र घुमा दो मेरा, शाम, सवेरा हो जाए.....

मां की लोरी फिर कानों में, गंूज रही है सांझ-सवेरे
दादी किस्से सुना रही है, बाल सखाओं को घेरे
फिर आंगन में हाथों के बल, धमा-चौकड़ी हो जाए...

स्कूल के दिन फिर ललचाते, अक्षर-अक्षर मुझे बुलाते
दोहे और पहाड़े गाते, जाने क्या-क्या राग सुनाते
ऐसा कर दो कोई गुरुजी, छड़ी फिर से चमकाए....

मुझे बुलाती हैं वो गलियां, जहां कभी कंचा खेला
जीवन की पगदंडी पकड़ी, और देखा इंसा का रेला
ऐसा कर दो कोई उस पथ पर, कदम मेरा फिर चल जाए...

सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 080853-05931, 098269-92811
ईमेल - sushilbhole2@gmail.com

Monday, 11 November 2013

दीपावली मिलन...

चंद्राकर छात्रावास डंगनिया, रायपुर में रविवार 10 नवंबर को आयोजित दीपावली मिलन समारोह का एक दृश्य.....

Thursday, 7 November 2013

कइसे पाबे तैं अधिकार....













जब तक दिल्ली म बइठे हे, तोर भाग के खेवनहार
तब तक बेटा छत्तीसगढिय़ा, कइसे पाबे तैं अधिकार
जाग रे बेटा छत्तीसगढिय़ा, तोर पुरखा के हवय पुकार
इतिहास गोहरावत हावय, तोरो होही जय-जयकार......

तोर घर अउ तोरे अंगना, फेर नीति वोकर चलत हे
एकरेच सेती जम्मो बैरी, तोर छाती म कूदत हें
वोकर इहां जतका मोहरा हें, करथें भावना के बैपार....

राष्ट्रीयता के माने नोहय, इहां के मुंह म पैरा बोजंय
अउ चारों मुड़ा के धन-दौलत ल, अंखमुंदा उन लूटंय
अब तो चेत जा परबुधिया, अपन-बिरान के कर चिनहार....

अपन हाथ म राज लिए बर, अपन फौज बनाना परही
जे मन दोगलाही करथें, उंकरो मौत मनाना परही
कतकों मीत-मितानी होवय, तभो कतर रे जस कुसियार....

सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 080853-05931, 098269-92811
ईमेल - sushilbhole2@gmail.com 

मेघा घाट पर एक शाम..

छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी पर स्थित मेघाघाट (पुल) पर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के 13 वर्ष पूर्ण होने की पूर्व संध्या पर....

Tuesday, 5 November 2013

मड़ई-मेला का पर्व प्रारंभ...

छत्तीसगढ़ में कार्तिक शुक्ल द्वितीया को *मातर* का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में मड़ई जगाने (उठाने या मनाने)) का भी कार्य संपन्न किया जाता है, और फिर इसी के साथ प्रारंभ हो जाती है लगातार करीब तीन महीनों तक चलने वाली मड़ई-मेला की अटूट श्रृंखला, जो महाशिवरात्रि में जाकर संपन्न होती है। मड़ई-मेला का अयोजन यहां के प्राय: सभी गांवों में किसी न किसी रूप में अवश्य मनाया जाता है। लेकिन यहां की पवित्र नदी, नाले और जलाशयों के किनारे स्थित सिद्ध शिव स्थलों पर भरने वाला विशेष मेला लोकआस्था के साथ ही साथ उनके मंगल-उत्साह का भी प्रतीक होता है। ऐसे बड़े मेलों का आयोजन कार्तिक पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि के बीच आने वाली विशेष तिथियों पर होता है।

Monday, 4 November 2013

कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर गिरौद (मेघा) जिला-धमतरी के शिक्षकों ने शिक्षक सम्मान एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया था। कार्यक्रम में मेरा कवितापाठ एवं ग्राम के पूर्व सरपंच के हाथों सम्मान।

Friday, 1 November 2013

सुरहुत्ती अउ गौरा-गौरी बिहाव के बधाई...

अंजोरी तिहार सुरहुत्ती, लछमी पूजा अउ गौरा-गौरी बिहाव परब के आप सबो झन ला गाड़ा-गाड़ा बधाई अउ शुभकामना। आप सबके जिनगी म सुरहुत्ती के अंजोर बगरय.... लछमी दाई के मया अउ आशीष मिलय....