Monday, 31 October 2016

सत् साधु ल परय नहीं कभू करना....

सत् साधु ल परय नहीं कभू करना कोनो देखावा
एकरे सेती मिलथे वोला, लोगन के जबर बढ़ावा
चिन्हौ-जानौ अइसन मनला सत् मारग ल पाहू
पर जाहू कहूं ढोंगी के पाला जीवन भर पछताहू

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

जइसे-जइसे बुद्धि बाढ़थे कर्म घलो...

जइसे-जइसे बुद्धि बाढ़थे, कर्म घलो बढ़ना चाही
छोड़ लइकई के खेल-कूद आदर्श नवा गढ़ना चाही
इही मानक ये बड़े होय के, संग उमर के जे बाढ़थे
कथा-कहानी ल छोड़त, शुद्ध ज्ञान टमड़ना चाही

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

सुशील भोले के गुन लेवौ ये .....

सुशील भोले के गुन लेवौ ये आय मोती बानी
सार-सार म सबो सार हे नोहय कथा-कहानी
कहां भटकथस पोथी-पतरा अउ जंगल-झाड़ी
बस अतके ल गांठ बाध ले सिरतो बनहू ज्ञानी

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Thursday, 27 October 2016

रोग-राई अउ जड़ी-बूटी...


















रोग-राई कइसनो होवय, उनले मुक्ति देथे जड़ी-बूटी
प्रकृति म गुन अइसन हे संगवारी बनथे कांटा-खूंटी
घर के हरदी-मेथी-धनिया-जीरा सब म गुन के खान
एकरे सेती शोध-परख ज्ञान देइन धनवंतरी भगवान

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

कुल-गोत्र ले होवय नहीं...

कुल-गोत्र ले होवय नहीं, कोनो ब़ड़का मनखे
न होवय घर म वोकर चाहे कतकों धन खनके
ये सब तो माया के मेला लोगन ल भरमाए के
सिरिफ कर्म होथे मानक देव-कृपा ल पाए के

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Wednesday, 26 October 2016

सुरहुत्ती के दिया ...


कार्तिक अमावस्या को मनाया जाना वाला पर्व दीपावली छत्तीसगढ़ में सुरहुत्ती के नाम पर जाना जाता है। इस अवसर पर यहां दीपदान की परंपरा है। गांव के छोटे-छोटे बच्चे अपने आसपास और परिचितों के घरों में एक छोटा सा जलता हुआ दीपक लेकर जाते हैं, और उनके यहां के तुलसी चौंरा या किसी अन्य पवित्र स्थल पर उसे रख आते हैं। घर के मुखिया बच्चों को कुंआ, तालाब, मंदिर, घर के प्रमुख स्थलों और बाड़ी एवं खेतों आदि में भी दिया रखने के लिए निदेर्शित करते हैं।

इस अवसर पर जो दीपक बनाया जाता है, वह धान की नई फसल से प्राप्त चावल के आटे से बना होता है, लेकिन नई पीढ़ी के लोग इस बात को विस्मृत करते जा रहे हैं। इसलिए वे मिट्टी से बने हुए दीपक या अन्य साधनों से बने दिए का इस्तेमाल कर लेते हैं।

ज्ञात रहे हमारे यहां नई फसल को अपने ईष्टदेव को समर्पित कर उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परंपरा है, जिसे हम *नवा खाई* के रूप में जानते हैं। यहां नवा खाई को तीन अलग-अलग अवसरों पर मनाने का रिवाज है। कई लोग ऋषि पंचमी के अवसर पर नवा खाई मनाते हैं, कई दशहरा के अवसर पर मनाते हैं और कई दीपावली के अवसर पर। सुरहुत्ती के अवसर पर नई फसल से प्राप्त चावल के आटे से बनाये जाने वाला दीपक भी इसी परंपरा का निर्वाह है।

(नोट- फोटो इंटरनेट से लिया गया है। यह चावल आटे से निर्मित नहीं है।)

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931
  

Monday, 24 October 2016

चुटइया बढ़ाय म ज्ञान बाढ़तीस ....

चुटइया बढ़ाय म ज्ञान बाढ़तीस त जकला होतीस ज्ञानी
छोड़ किंजरना बरदी के पाछू, गढ़तीस इतिहास के बानी
नइ ठगतीन फेर कोनो वोला, ठग-जग अउ बहुरूपिया
न जात-मरजाद ल वोकर कहितीन, कोनो आनी-बानी

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Sunday, 23 October 2016

जिहां ले मिलथे झट अपनाले मया ज्ञान ...

जिहां ले मिलथे झट अपनाले मया ज्ञान अउ अशीष
ऊंच-नीच अउ धरम-पंथ म, इनला झन तो बांटिस
मानवता ले बढ़के नइए दुनिया म कोनो धरम-करम
देश-राज कोनो सीमा म, तब काबर इनला फांसिस

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

कहां जाबे तैं मंदिर-मस्जिद....

कहां जाबे तैं मंदिर-मस्जिद कहां जाबे गुरुद्वारा
तोरे भीतर म बइठे हावय जगत के पालनहारा
फेर काबर तैं भटकत हावस जोगी रूप ल धर के
कर साधना घर बइठे तैं, इहें मिलही खेवनहारा

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Friday, 21 October 2016

सुरहुत्ती के दिया देवय....















सुरहुत्ती के दिया देवय सबके जिनगी ल अंजोर
छोटे-बड़े जम्मो जीव-जंत सब बनय जी सजोर
ककरो घर के चुल्हा कभू झन राहय ठाढ़ उपास
करत देवता के सुमरनी बस मन म इही हे आस

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

आये हे लुवाई....














चार महीना खूब कमाएन अब आये हे लुवाई
अन्नपूर्णा बन आही संगी हमर लछमी दाई
लू-लू के करपा मढ़ाबो अउ बांधबो फेर बोझा
ओसा-मिंज के घर जाही त होही पूरा जोखा

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Thursday, 20 October 2016

पूरा नइहे ग्रंथ कोनो....

पूरा नइहे ग्रंथ कोनो, न तो पूर्ण सत्य के मान
जतका देखिस लिखने वाला बस वतके हे ज्ञान
कई किताब तो हे अइसे, जस कचरा के ये ढेरी
छोड़ सत्य के रद्दा ल, बस भरमाये के हे बखान

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

गोरसी तापे के दिन आही.....

















गोरसी तापे के दिन आही अब आवत हावय जाड़
सुरुर-सुरुर पुरवाही म, होवत हवय नरमी के बाढ़
कमरा-कथरी-सेटर-साल, धरे संदूक ले निकलही
उवत रउनिया के आगू म तब घंटों होबो जी ठाढ़

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Wednesday, 19 October 2016

मोर लेखनी के आधार....

मोर लेखनी के आधार, सब खुद के आंखी देखे
नइहे कोनो गोठ-किताबी, न ककरो उधारी लेके
मिलथे बस ये देव-कृपा ले रेंगत रद्दा साधना के
एकरे सेती रहिथे जी संगी ठोस अउ जांचे-परखे

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Tuesday, 18 October 2016

सुआ नृत्य के माध्यम से ईसरदेव-गौरा विवाह की तैयारी प्रारंभ....



छत्तीसगढ़ में कार्तिक अमावस्या को ईसरदेव-गौरा के विवाह को गौरा-गौरी पर्व के रूप में मनाया जाता है। कार्तिक माह की प्रथमा तिथि से ही इसकी तैयारी प्रारंभ हो जाती हैं। इस तिथि से यहां प्रात:काल में कार्तिक स्नान तथा शाम को सुआ नृत्य के माध्यम से इसका संदेश लोगों तक पहुंचाने की परंपरा प्रारंभ हो जाती है।
 महिलाएं शाम के समय टोली बनाकर गांव के सभी घरों में जाती हैं। अपने साथ एक टोकरी में सुआ (तोता) रखकर उसके चारों ओर घूम-घूम कर नाचती और गाती हैं, तथा लोगों के द्वारा दिये गये धन (पैसा या चावल आदि) को कार्तिक अमावस्या को संपन्न होने वाले ईसरदेव-गौरा विवाह के लिए संग्रहित करती हैं।

ज्ञात रहे  इस विवाह पर्व को छत्तीसगढ़ में कार्तिक अमावस्या अर्थात देवउठनी के दस दिन पूर्व ही संपन्न किया जाता है। यह इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ की मूल संस्कृति में चातुर्मास की व्यवस्था लागू नहीं होती, जिसमें  कहा जाता है कि चातुर्मास में  किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्यों नहीं किये जाते।

ज्ञात रहे कि छत्तीसगढ़ की मूल संस्कृति, जिसे मैं आदि धर्म कहता हूं वह सृष्टिकाल की संस्कृति है, जिसे उसके मूल रूप में लोगों को समझाने के लिए हमें फिर से प्रयास करने की आवश्यकता है, क्योंकि कुछ लोग यहां के मूल धर्म और संस्कृति को अन्य प्रदेशों से लाये गये ग्रंथों और संस्कृति के साथ घालमेल कर लिखने और हमारी मूल पहचान को समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुशील भोले
संजय नगर,  रायपुर (छ.ग.)
मोबा. नं. 80853-05931, 98269-92811
ईमेल - sushilbhole2@gmail.com

Monday, 17 October 2016

कातिक महीना धरम के महीना...

कातिक महीना धरम के महीना अन्नपुरना के बासा
चार महीना कमा के किसान लूथे जिनगी के आसा
इही म ईसर देव गौरा संग, बिहाव घलो रचाइन हें
करत साधना मोटियारिन ल आशीष मया के देइन हें

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Sunday, 16 October 2016

छोड़ के अपन मूल देवता ल ...

परबुधिया बन मूल निवासी जतर-कतर छरियावत हें
छोड़ के अपन मूल देवता ल पर के धरम अपनावत हें
ये तो कोनो समाधान नइहे जूझत-भोगत समस्या के
चाहे ककरो पांव पखारौ देव मिले नहीं बिन तपस्या के

* सुशील भोले
मो. 98269 92811, 80853 05931

कोन कहिथे देवता सूतथे....

कोन कहिथे देवता सूतथे, उहू म चार महीना
सांस-सांस म जे बसे हे वोकर का सुतना-जगना
 अंधरा होही अइसन मनखे जे अइसे गोठियाथे
अउ परबुधिया हे उहू मन, जे एला पतियाथे

* सुशील भोले
मो. 98269 92811, 80853 05931

सत्-सिद्धांत के खातिर दे दय........

सत्-सिद्धांत के खातिर दे दय जे अपन परान
अइसन मनखे ल सिरतो तैं संत बरोबर जान
बड़ मुश्किल म मिलथे संगी सत् मारग के राही
कर संघर्ष बनथे कुंदन, इही वोकर पहिचान

* सुशील भोले
मो. 98269 92811, 80853 05931

करिया आखर उज्जर-निर्मल.....

करिया आखर उज्जर-निर्मल इही ज्ञान के सोत
बिन समझे तैं गुन ल एकर झन कागज म पोत
बिपत परे म संगी बनके, सत् रद्दा इही देखाथे
फेर मिलथे जब संग गुरु के बनथे जीवन-जोत

 सुशील भोले
मो. 98269 92811, 80853 05931

Friday, 14 October 2016

आने वाला जाही एक दिन ...

आने वाला जाही एक दिन इही जिनगी के लेखा
तोप-ढांक ले कतकों चाहे तैं कर ले कुछू सरेखा
छोटे-बड़े राजा-परजा सब के एकेच गति होही
माटी के पुतरा कूद-फांद के माटी म मिल जाही

 सुशील भोले
मो. 98269 92811, 80853 05931

Wednesday, 12 October 2016

छोड़ झंझट सगुण-निगुर्ण के...

छोड़ झंझट सगुण-निगुर्ण के ये सब मन के भेद
एक ज्योति के रूप अनेक जस मरजी तस देख
कभू पानी त कभू भाप अउ बरफ कभू बन जाथे
बस एक तत्व बेरा-बेरा म अलग-अलग जनाथे

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

कहूं नहा ले नंदिया-नरवा...

कहूं नहा ले नंदिया-नरवा या कोनो तिरिथ धाम
माथ म घंस ले चंदन-बंदन नइ चमकय रे चाम
छोड़ देखावा रंगे कपड़ा के बस कर्मयोग अपनाले
इही रद्दा म मिलथे मुक्ति अउ शिव बाबा के धाम

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

धर लेबे गुरु के अंगरी,...

सत् के मारग अब्बड़ बिच्छल कोन मेर पांव बिछल जाही
कांटा-खूंटी झुंझकुर-झाड़ी में, देंह कोनो मेर दहल जाही
नइए ठिकाना एक्को बिल्कुल कोन भेरका म धंस जाबे
फेर धर लेबे गुरु के अंगरी, हर बाधा सुट ले निकल जाही

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Sunday, 9 October 2016

मूल धर्म-संस्कृति समझने ....

मूल धर्म-संस्कृति समझने लगे मुझे इक्कीस साल
जिन्हें छिपाने रचा गया किस्से-कहानियों का जंजाल
सृष्टिकाल का है यह गौरव कहता जिसे मैं आदिधर्म
फिर से पाकर निश्चित दुनिया होगी आत्मिक मालामाल


* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

कर्म योग है श्रेष्ठ मार्ग ...

कर्म योग है श्रेष्ठ मार्ग, प्रभु भक्ति की राह में
ले जाता यही जीव को अनंत ज्ञान की थाह में
पर कुछ एेसे हैं जो करते भ्रमित बन वाचाल
देते सीख सहजता की बस ठगने की चाह में


* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Saturday, 8 October 2016

ज्ञान के मारग एकदम सोज्झे....



















ज्ञान के मारग एकदम सोज्झे, झन रट रे तैं पोथी
का जाने वोमा का लिखाय हे ते भरे हे घुनहा-थोथी
सबले उज्जर पबरित निरमल, हे रद्दा साधना के
सत्य सिरिफ इही म मिलथे अउ इही म ईश-ज्योति

* सुशील भोले
मो. 9826992811, 8085305931

Wednesday, 5 October 2016

बढ़वार .. नकली-चकली मनखे के.....












चारों मुड़ा बढ़वार होगे हे, नकली-चकली मनखे के
कला-संस्कृति-साहित सबो म रोग लगे हे खनके के
धरम-राजनीति सबले जादा चौपट होगे पाखण्डी म
सरहा मन उदिम करत हें पोत के पावडर दमके के


* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

Monday, 3 October 2016

चंदन बुक के किंजरत हे ठगराज....



















चंदन-बंदन बुक-बाक के किंजरत हे ठगराज
चक धोती संग मारे सलुखा गजब फभे हे आज
धरम-करम फेर पूछ कभू झन वो हे अन्ते-तन्ते
अइसे दलदल म फदके हे जेला बतावत आथे लाज

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

नांव भुनाय बर महापुरुष के...
























नांव भुनाय बर कतकों बुनथें महापुरुष के रिश्तेदार
फेर राहय नहीं वोकर सादगी न कोनो म एको संस्कार
कभू पा जाथे कोंख जनाय वोकर निष्ठा अउ आचरण
जे निभा पाथे जीवन भर कथनी-करनी के व्यवहार

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931

अब थिरा रे बादर....













अब्बड़ होगे सिटिर-सिटिर, अब थिरा रे बादर
जिहां जरूरत होथे तिहां, तैं बरसस नहीं काबर
कतकों जगा सुक्खा परे हे दिखथे दुकाल के छापा
छोंड़ इहां गैरी मताना उहां बरस जा थोिरक आगर

* सुशील भोले
संजय नगर, रायपुर
मो. 98269 92811, 80853 05931