Thursday, 27 April 2017

अक्ति - कृषि का नव वर्ष...



छत्तीसगढ़ में जो अक्ति (अक्षय तृतीया) का पर्व मनाया जाता है, उसे कृषि के नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। पुतरा-पुतरी के बिहाव या उस विवाह के लिए शुभमुहुर्त जैसी बातें तो उसका एक अंग मात्र है। हमारे यहां इस दिन किसान अपने-अपने खेतों में नई फसल के लिए बीजारोपण की शुरूआत करते हैं। इसे यहां की भाषा में मूठ धरना कहा जाता है।

 इसके लिए गांव के सभी किसान अपने यहां से धान का बीज लेकर एक स्थान पर एकत्रित होते हैं, जहां गांव का बैगा उन सभी बीजों को मिलाकर मंत्र के द्वारा अभिमंत्रित करता है, फिर उस अभिमंत्रित बीज को सभी किसानों में अापस में बांट दिया जाता है। कृषक इसी बीज को लेकर अपने-अपने खेतों में ले जाकर उसकी बुआई करते हैं।

जिन गांवों में बैगा द्वारा बीज अभिमंत्रित करने की परेपरा नहीं है, वहां कृषक अपने बीज को कुल देवता, ग्राम देवता आदि को समर्पित करने के पश्चात बचे हुए बीज को अपने खेत में बो देता है। इस दिन कृषि या पौनी-पसारी से संबंधित कामगारों की नई  नियुक्ति भी की जाती है।


अक्ति आगे घाम ठठागे चलव जी मूठ धरबो
हमर किसानी के शुरुवात सुम्मत ले सब करबो
बइगा बबा पूजा करके पहिली सबला सिरजाही
फेर पाछू हम ओरी-ओरी बिजहा ल ओरियाबो

* सुशील भोले 
मो. 98269-92811

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